ख्वाहिश

 ख्वाहिश केवल इतनी ही हैं कि ये ज़िन्दगी थम जाए,
 यदि गुज़रे वक्त हर पल तेरे संग, हम संवर जाए,
देख वो चेहरा, यूँ तड़पने लगे हम
किअब सिर्फ तुझमे ही रम जाए ।

Comments

Popular posts from this blog

Call Numbers 📕

राहत

Book review